शुक्रवार, 30 अक्तूबर 2009

सब लोग ढूंढो अपने-अपने भगवान को, पता (address) मैं बता देता हूँ...................

मेरे भारत के अधिसंख्य लोगों के साथ समस्या यह है कि वे अन्धविश्वासी कल्पनाओं ,तर्कहीन संवाद,बेसिरपैर की सोच में उलझे रहते हैं ,,,,, जरा सोचिये , आखिर ऐसा हो क्या जाता है ,जब हम राम, कृष्ण,ईसा,मुहम्मद,गुरु गोबिंद सिंह, महावीर स्वामी,बुद्ध आदि आदि का स्मरण कर रहे होते हैं,,,,,, एक मिनट,दस मिनट,एक घंटा या फ़िर सेकंड ,उस स्मरण का जो भी हमारा समयांतराल होता हो, उस समय में हम एक अदभुत शान्ति या एक विराट मानसिक जागरण की अवस्था से गुजर रहे होते हैं ,,,,,, उस समय में हमारे दिल दिमाग में उच्चतर स्तर के विचारों , ऊर्जा व मानसिक संबल का प्रस्फुटन हो रहा होता है और आत्मबल विकसित हो रहा होता है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,मानसिक संबल और आत्मबल मनुष्य की बड़ी भारी शक्ति होती है ,यह प्रत्येक मनुष्य का ऊर्जा स्त्रोत ( power plant) है ,,,,, हर मनुष्य में हल्का या भारी आत्मबल होता है, इसको विकसित करने वाला स्त्रोत ही भगवान है ,,,,, वह स्त्रोत चाहे जो भी हो........... चाहे परिकल्पना हो या वास्तविकता ,अनुभूति हो या कोई विचार , दृश्य हो या अदृश्य , जो मर्जी चाहे हो ऐसा कोई भी स्त्रोत जो आपके मानसिक संबल या आत्मबल का विकास करता हो वह महास्त्रोत ही भगवान या ईश्वर है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

जैसे मैं ( शिवरतन गुप्ता) जब अपनी माँ के सामने जाता हूँ तो अजीब सी अनुभूती होती है, उनका जीवन जो मैंने देखा एक फ़िल्म के रूप में दिल दिमाग में दृश्य हो जाता है और आत्मबल के रूप में भारी ऊर्जा विकसित होती है ,,,,, उस समय ऐसा बल और तेज विकसित होता है की आसपास की सारी नकारात्मकता जल कर भस्म हो जाती है,,,,,,,,, याने मेरा भगवान् ----------------मेरी माता

चलो अब आप भी अपना भगवान् ढूंढो, आपका भगवान् माबाप ,मित्र, गुरु ,कोई महापुरुष , रिश्तेदार, पति, पत्नी,कोई विचार,अन्तरिक्ष,प्रकृति,बाग्बगिची,कोई मनोरम दृश्य,,,,,,,कोई पेड़ ( तुलसी, पीपल ),कोई जानवर (गाया,सूअर,शेर,कुत्ता )कुछ भी हो सकता है ,,,,,,,,,,जिससे आपमें मानसिक संबल और आत्मबल विकसित होता हो ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

14 टिप्‍पणियां:

AlbelaKhatri.com ने कहा…

bandhuvar shiv ratan guptaa ji,

aapkaa bahut bahut abhaar itnaa uttam vichaar mujh tak pahunchaane ka...........

aapkaa naya blog bahut pyaaraa aur saarthak laga

aapse bahut apekshaayen hain..

wish you all the very best.

-albela

SP Dubey ने कहा…

अद्भुत निस्कर्ष और यथार्थ है यह आप्के लेख

विवेक सिंह ने कहा…

ईश्वर है

SP Dubey ने कहा…

ब्लाग जगत मे आपका स्वागत है, आप की मेल मिलि है और मै रिप्लाइ दूगा

जी.के. अवधिया ने कहा…

हिन्दी ब्लॉग जगत में आपका स्वागत् है!

बहुत अच्छे विचार प्रस्तुत किये हैं आपने अपने पोस्ट में! माता-पिता, गुरु, ईश्वर में श्रद्धा हमारे मनोबल को बढ़ाती है।

Amit K Sagar ने कहा…

चिटठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है. लेखन के द्वारा बहुत कुछ सार्थक करें, मेरी शुभकामनाएं.
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महिलाओं के प्रति हो रही घरेलू हिंसा के खिलाफ [उल्टा तीर] आइये, इस कुरुती का समाधान निकालें!

Harkirat Haqeer ने कहा…

जैसे मैं ( शिवरतन गुप्ता) जब अपनी माँ के सामने जाता हूँ तो अजीब सी अनुभूती होती है, उनका जीवन जो मैंने देखा एक फ़िल्म के रूप में दिल दिमाग में दृश्य हो जाता है और आत्मबल के रूप में भारी ऊर्जा विकसित होती है ,,,,, उस समय ऐसा बल और तेज विकसित होता है की आसपास की सारी नकारात्मकता जल कर भस्म हो जाती है,,,,,,,,, याने मेरा भगवान् ----------------मेरी माता

वाह...बहुत खूब....!!

Dr. shyam gupta ने कहा…

बहुत खूब, राम रतन गुप्ता जी , सुन्दर विचार , ईश्वर ==इष (इच्छा )+ वर (श्रेष्ठ ), अर्थात श्रृद्धा , सदेच्छा , सम्यकता से जिसके प्रति ह्रदय में सदभावना हो , वही ईश्वर है |

aditya ने कहा…

Very Intresting....

Really Mother can change anyone's negative thinking.


Thanks a lot for posting this nice post.

संजय भास्कर ने कहा…

aati sunder

Fauziya Reyaz ने कहा…

aap bhagwa ka naam japne se jis shanti ki baat kar rahe hain wo sirf hamari psychology hai....hum jab jaisa sochna ya mehsoos karna chahte hain waisa hi karte hain

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

बहुत सुंदर विचार. शुभाकामनाएं.

रामराम.

Dr. shyam gupta ने कहा…

सही कहरहे हैं, फ़ैयाज़ जी---आत्म बल, संयम, मानसिक संबल , प्रार्थना , जप --सभी साइकोलोजी ही है--बस अन्तर है --हम कर्ता हैं और ईश्वर करता है--में। पहले से अहं जाग्रत होता है दूसरे से सहनशीलता,नम्रता, आत्मीयता, परोपकारिता । आप जो चाहें चुनें ।

Maria Mcclain ने कहा…

interesting blog, i will visit ur blog very often, hope u go for this website to increase visitor.Happy Blogging!!!